परमेश्वर को व्यक्तिगत् जानना

ये चार बातें बताती हैं कि कैसे परमेश्वर के साथ व्यक्तिगत् संगति में प्रवेश किया और उस जीवन का अनुभव लिया जाता है जिसके लिए आप सृजे गए हैं।